KUMAR PARTH

मैं तो ऐसा ही हूँ.

मेरी कहानी कोई ज्यादा जटिल नहीं है. मैं बस थोड़ा थक सा गया था जबतक ये दुनिया मुझे समझ पा

क्योंकि अब इश्क़ की तलाश खत्म हो गयी। ..

बेहतर थी पहले की जिद कि हमें कुछ पाने के लिए किसी से पूछना जो पड़ता था. अब अपनी पसंद